नादान की नादानी
नीचे जमीं ऊपर आसमान रहने दो, समझदार बनो तुम मुझे नादान रहने दो ।
मंगलवार, अगस्त 17, 2010
इश्वर एक है नाम भिन्न है
सभी धर्मो का श्रोत एक है इसलिए जात पांत की कोई बात नहीं होनी चाहिए..............क्यों भाई ठीक है न .
शुक्रवार, अगस्त 13, 2010
सुनहरी यादें
श्री एस पी सिंह फिल्म्स डिविजन भारत सरकार के कंप्यूटर पर नादान
फिल्म्स डिविजन भारत सरकार के श्री एस के शर्मा ,श्री के एन रस्तोगी, श्री एस पी सिंह के साथ सफ़ेद शर्ट में नादान
बुधवार, अगस्त 11, 2010
यह कौन चित्रकार है .....................
शनिवार, जुलाई 24, 2010
चार दिन की ज़िन्दगी लुफ्त उठाते रहिये
शहर में अपनी भी पहचान बनाते रहिये
कौन है ज़माने में जिसे गम नहीं
अपनों के बीच यूँही मुस्कराते रहिये
दोस्त दो न रहा
अजब ज़माने का
मंजर दिखाई देता है
जहाँ कल खेत थे
वहां बंजर दिखाई देता है
दुश्मनों की बात क्या
करें नादान
दोस्तों के हाथ में
भी खंजर दिखाई देता है
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(शीर्षकहीन)
नादानी
ढॅूढतेे हो छायीं पेड़ को उखाड़कर, बने हैं कई मकान रिश्ते बिगाड़कर, तालीम भी तुमसे बदनाम हो गयी, पायी है डिग्री जो तुमने जुगाड़कर, ...
Marne ke baad sataya gaya
मरने के बाद भी हमको खूब सताया गया, मारा रिश्तों ने इल्जाम बीमारी पर लगाया गया। @Nadan 31 Aug 2022