क्या खुशनसीब दिन था २६ फरवरी २०११ लगभग १५ साल बाद आर एम् लाल कंपनी के श्री निशीथ द्विवेदी से कंपनी के ६० साला समारोह में मुलाकात हुई श्री द्विवेदी के साथ मुकेश कुमार
शनिवार, फ़रवरी 26, 2011
एक मुलाक़ात जरुरी है सर
क्या खुशनसीब दिन था २६ फरवरी २०११ लगभग १५ साल बाद आर एम् लाल कंपनी के श्री निशीथ द्विवेदी से कंपनी के ६० साला समारोह में मुलाकात हुई श्री द्विवेदी के साथ मुकेश कुमार
कब के बिछड़े आज कहाँ आके मिले ....................
शुक्रवार, फ़रवरी 25, 2011
मलकानगिरी
हे ईश्वर तेरा बहुत बहुत धन्यवाद् की माओवादियों ने मलकानगिरी के कलेक्टर को बिना नुक्सान पहुंचाए छोड़ दिया वर्ना सरकारी तंत्र तो जागता ही देर में है.
शनिवार, फ़रवरी 12, 2011
बेकार आदमी
बैंक वालो मुझे समझ नहीं आया
तरीका तुम्हारे व्यापार का,
मोहल्ले में जो आदमी था बेकार का
बना दिया तुमने मालिक उसको कार का
तरीका तुम्हारे व्यापार का,
मोहल्ले में जो आदमी था बेकार का
बना दिया तुमने मालिक उसको कार का
बुधवार, जनवरी 12, 2011
Zindagi hasne gaane ke liye hai...........
Maasoooom
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ढॅूढतेे हो छायीं पेड़ को उखाड़कर, बने हैं कई मकान रिश्ते बिगाड़कर, तालीम भी तुमसे बदनाम हो गयी, पायी है डिग्री जो तुमने जुगाड़कर, ...
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मरने के बाद भी हमको खूब सताया गया, मारा रिश्तों ने इल्जाम बीमारी पर लगाया गया। @Nadan 31 Aug 2022