सफ़ेद कमीज में है इग्नू के अमितेंद्र श्रीवास्तव जी जिन्होंने हर पल मेरा मार्गदर्शन और मदद की इनके सहयोग के बिना मेरा मिशन इग्नू अधुरा ही रहता इसलिए सबसे पहले २१ मई २०११ को डिग्री मिलने पर मैंने आभार स्वरुप डिग्री इन्ही को समर्पित करदी और आजीवन मै अमितेंद्र जी का आभारी रहूँगा .
शनिवार, मई 21, 2011
शुकराना आपका.............................
सफ़ेद कमीज में है इग्नू के अमितेंद्र श्रीवास्तव जी जिन्होंने हर पल मेरा मार्गदर्शन और मदद की इनके सहयोग के बिना मेरा मिशन इग्नू अधुरा ही रहता इसलिए सबसे पहले २१ मई २०११ को डिग्री मिलने पर मैंने आभार स्वरुप डिग्री इन्ही को समर्पित करदी और आजीवन मै अमितेंद्र जी का आभारी रहूँगा .
सच हुए सपने मेरे....................
मंगलवार, मई 17, 2011
मौकापरस्त
पहले तू कहता है मगर फिर आप कहता है
चुनावी दौर है नेता गधे को बाप कहता है
अबकी एक बार दे दो एक मौका
पिछली गलती करदो माफ़ कहता है...........
नादान
चुनावी दौर है नेता गधे को बाप कहता है
अबकी एक बार दे दो एक मौका
पिछली गलती करदो माफ़ कहता है...........
नादान
करूणानिधि की पुकार
नमक डाल दिया क्यूँ मेरे घाव में
छेद कर दिया डूबती नाव में
अब क्या होगा मेरे परिवार का
सत्ता भी गयी अबकी चुनाव में ....................
नादान
छेद कर दिया डूबती नाव में
अब क्या होगा मेरे परिवार का
सत्ता भी गयी अबकी चुनाव में ....................
नादान
ऊँचा सोचो .........................
सैकड़ो चुरा कर बईमान हो जाओगे
करोडो चुराओ तो महान हो जाओगे
एक बार लड़कर चुनाव देखिये
बन गए मंत्री तो भगवन हो जाओगे .............
नादान
करोडो चुराओ तो महान हो जाओगे
एक बार लड़कर चुनाव देखिये
बन गए मंत्री तो भगवन हो जाओगे .............
नादान
दिल खोल के लूटो OFFER
न गरीबी हटाने के लिए
न आतंकवाद मिटाने के लिए
वो आये चुनाव मैदान में
सरकारी खजाने के लिए.............
नादान
न आतंकवाद मिटाने के लिए
वो आये चुनाव मैदान में
सरकारी खजाने के लिए.............
नादान
खामोश................
कीमत पेट्रोल की बढ़ रही
कितनी रफ़्तार से
कराह रही है जनता
महंगाई की मार से
वोह तो विदेशी है
शिकायत नहीं उनसे
खामोश इस कदर रहेंगे
यह उम्मीद न थी सरदार से
NADAN
कितनी रफ़्तार से
कराह रही है जनता
महंगाई की मार से
वोह तो विदेशी है
शिकायत नहीं उनसे
खामोश इस कदर रहेंगे
यह उम्मीद न थी सरदार से
NADAN
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ढॅूढतेे हो छायीं पेड़ को उखाड़कर, बने हैं कई मकान रिश्ते बिगाड़कर, तालीम भी तुमसे बदनाम हो गयी, पायी है डिग्री जो तुमने जुगाड़कर, ...
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मरने के बाद भी हमको खूब सताया गया, मारा रिश्तों ने इल्जाम बीमारी पर लगाया गया। @Nadan 31 Aug 2022