बुधवार, अप्रैल 29, 2020

Ai Phoolo ki Rani.28042020



रफी साहब एक ऐसा नाम जो लाखों परिवारों की रोजी रोटी का साधन है और गम, खुशी, मोहब्बत हर त्योहारों, हर अवसरों पर उनके गाए गीत आज भी प्रासंगिक हैं। उन्हीं का एक गीत मेरी आवाज में, बेटी के जन्मदिन 28 अप्रैल 2020 को रिकार्ड किया मेरे बेटे शिखर और भतीजे अनन्त और अक्षत ने साथ दिया अर्पित एंव पूरे परिवार ने , पेश है आपके सामने

नादानी

बहुत दूर हर मुश्किल से निकल जाते,
निकालते उन्हें और दिल से निकल जाते,
दुनिया में कोई बुराई न दिखती नादान
गर खुद इश्क की महफिल से निकल जाते।

Sochenge Tumhe pyar kare ki on



श्रद्धांजलि ऋषि कपूर साहब को.....................................................

1992 में एक फिल्म आयी थी दीवाना जिसमें ऋषि कपूर साहब पर एक गााना फिल्माया गया था, गाने के बोल थे सोचेंगे तुम्हें प्यार करें की नही....28 अप्रैल को घर पर ही मैने यह गाना गया और बच्चों ने रिकाॅर्ड करके सोशल मीडिया में पर अपलोड किया। आज सवेरे ही खबर मिली की ऋषि कपूर साहब का निधन हो गया है। पुनः अपलोड है ये गीत ऋषि कपूर साहब को नमन करते हुए।

मंगलवार, अप्रैल 28, 2020

कोरोना योद्धाओं को समर्पित मेरी कविता


कोरोना योद्धाओं को समर्पित मेरी कविता को अवधनामा अखबार ने 
छापकर सम्मानित किया आपका आभार सम्पादक महोदय और आपकी टीम को
लेकिन इन्होनें मुझे नादान मानने से इंकार कर दिया और मुकेश कुमार ही चित्र के साथ छापा है


सोमवार, अप्रैल 27, 2020

जन्मदिन की शुभकामनाएं हमारी बिटिया रानी को,

हम सबकी मुस्कान है बिटिया,
सब रिश्तों की शान है बिटिया,
तुम लायी हो घर मे खुशियाॅ
यह तुम्हारा एहसान है बिटिया।






जन्मदिन की शुभकामनाएं हमारी बिटिया रानी को,
सदा मुस्कुराती रहो, सदा खुशियाॅ मेहरबान रहे,
खूब करो तरक्की बेटा ऊॅची  सबकी शान रहे।......

रविवार, अप्रैल 26, 2020

सुस्ती बनी चुस्ती

आप बीतीः लगभग एक सप्ताह से सवेरे सोकर उठने के बाद सुस्ती सी लगती थी, नींद भी पूरी ले रहा था हाॅ रात में सोने मे देर हो रही थी पढ़ने लिखने की आदत के कारण कभी किताबों से कभी कम्प्यूटर से ज्ञान समेटने के कारण समय से खुद को बिस्तर पर फैलाने में थोड़ी देर हो रही थी, चंचल मन ने सुस्ती का इल्जाम इन्हीं ज्ञान समेटने वाली विधाओं को देकर खुद को निर्दोष साबित कर दिया।
आज सवेरे उठने के लगभग एक घन्टे के बाद चित्त में ताजगी का जो संचार महसूस हुआ उसे शब्दों में बयान नही कर सकता बस आप महसूस कर सकते हैं, यह चमत्कार हुआ सवेरे डिजीटल पेपर पढ़ते पढ़ते रफी साहब, मुकेश साहब, लता जी, मो0अजीज जी, लक्ष्मीप्यारे जी, राजा मेहन्दी अली खाॅ जी के कुछ गााने सुनने के बाद। अब समझ में आया कि सुस्ती का कारण शारीरिक नही मानसिक था जो मनपसन्द गाने सुनकर चुस्ती में तब्दील हो गयी।

कोरोना योद्धाओं का काव्य सम्मान


सुनी हुई सड़कें सारी, आना जाना बन्द हुआ,
तन से उतरी न खाकी, और न थाना बन्द हुआ,

यूॅ ही नही कहते हैं लोग, धरती का भगवान इन्हें,
मन्दिरों मेें ताले लगे,  पर ना दवाखाना बन्द हुआ,

जान जोखिम में डालकर , पूरा देश सम्भालें हैं,
महामारी में सफाईवालों का, ना फर्ज निभाना बन्द हुआ,

मदद गरीबों की करने को, सरकार भी आगे आ गयी,
काम बढ़ा स्टाफ नही , ना बैंकों का खजाना बन्द हुआ

बिजली वाले भी डटे रहे, गैस वाले भी लगे रहे,
टी वी चैनल भी मुस्तैद रहे, अखबार  ना आना बन्द हुआ,

अफसर भी सतर्क दिखे, भोजन राशन बाॅट रहे,
सोशल मीडियाबाजों का, ना इल्जाम लगाना बन्द हुआ,

आटा की दिक्कत हुई पर, डाटा खूब भरपूर मिला,
रामायण दिखा दूरदर्शन का, ना पुण्य कमाना बन्द हुआ,

नादान यह समझ लो तुम  लाॅकडाउन में घर में रहना है
गया नही कोरोना अभी ना यमराज का आना बन्द हुआ ।