रविवार, अगस्त 22, 2010


पैसे की खातिर ईमान बेच देंगे
पहले जमी फिर आसमान बेच देंगे
तालीम की कीमत पर घर न सजाना
वर्ना बाद तेरे बच्चे सब सामान बेच देंगे
ए कलम के सिपाहियों जागते रहना
ये जनता के सेवक हिंदुस्तान बेच देंगे
ए खुदा आज ही दे दे मौत मुझको
कल समाज के ठेकेदार शमशान बेच देंगे

मंगलवार, अगस्त 17, 2010

हम एक है


फिल्म प्रभाग भारत सरकार लखनऊ शाखा के सभी साथी श्री मिश्री लाल जी के सेवानिवृति के मौके पर मौजूद सभी साथीगण

सभी धर्मो को आदर करो


सभी धर्मों के आदर में हम सब को शीश झुकाना चाहिए ...............

इश्वर एक है नाम भिन्न है


सभी धर्मो का श्रोत एक है इसलिए जात पांत की कोई बात नहीं होनी चाहिए..............क्यों भाई ठीक है न .