शालिनी, मानस और शिखर तीनो १५ अगस्त २०१० को स्कूल जाने के लिए तैयार तीनो ख़ुशी दिखाई दे रहे लड्डू मिलेंगे न भाई तो खुश क्यों न हो...................................
०९ अगस्त २०१० यह मानस के जीवन का सबसे ख़ास दिन आज से यह मदर टेरेसा पब्लिक स्कूल दुर्गापुरी निलमथा, लखनऊ केंट के स्टुडेंट हो गए है सोमवार का यह दिन इनके जीवन के लिए ख़ास रहेगा
यह है मानस जी स्कूल का नाम अखिल उमेश यह हसी यूँही बनी रहे इसलिए इन्हें स्कूल भेजना जरुरी है यानी शिक्षा दिलाना हालाँकि यह ३ साल के है पर अक्ल में दोगुना आगे हाज़िर जवाब
चौंदहवी का चाँद हो, छू लेने दो नाजुक होंठो को, बीते हुए लम्हों को कसक साथ तो होगी आदि लाजवाब गीतों के संगीतकार मैरून कमीज में रवि साहेब के साथ नवम्बर २००९ में गोवा अंतर्राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में सफ़ेद कमीज में मुकेश नादान
नमक हिंदुस्तान का खाते रहिये पाकिस्तान जिंदाबाद नारा लगाते रहिये कश्मीर है हमारा इसे छीन न सकोगे लड़िये हर बार और मुह की खाते रहिये ............ हम पत्थर नहीं हर वक़्त मददगार है भूकंप हो या बाढ़ आजमाते रहिये ......................... दुश्मनी करके हो जाओगे तबाह एक दिन चीन के झांसे में यूँ न आते रहिये .......................
दौर है कठिन इतराना छोड़ दे कबूल कर मदद माथे से लगाते रहिये ....................