गुरुवार, अप्रैल 14, 2011
शनिवार, मार्च 12, 2011
सांसद निधि हुई पांच करोड़, चुनाव लड़ मौका न छोड़
वित्त वर्ष २०११ से सांसद निधि दो करोड़ से बढ़कर पांच करोड़ हो जायेगी यह समाचार १२ मार्च २०११ को पेपर में पढ़ा तो सोमनाथ दादा की याद आ गयी उन्होंने सांसद निधि ख़त्म करने का प्रस्ताव रखा था लेकिन किसी ने नहीं मानी। निधि बढ़ाये जाने का सभी सांसदों ने स्वागत किया है, हालाँकि यह तो वक़्त ही बताएगा की देश में गरीबो की संख्या कम होगी या अमीरों की संख्या बढ़ जायेगी । देश पर रुपये २३७० करोड़ का अतिरिक्त बोझ बढेगा, कोई बात नहीं टेंशन नहीं लेने का, कर्ज लेकर इसे भी पूरा किया जायेगा और आम आदमी पर इसे महगाई के रूप में लाद दिया जायेगा। गरीब को और गरीब बनाने का एक और मौका सरकार ने आम आदमी को दिया है.
बुधवार, मार्च 09, 2011
दया रही न बाकी,जब पहन ली है खाकी
शनिवार, फ़रवरी 26, 2011
एक मुलाक़ात जरुरी है सर
कब के बिछड़े आज कहाँ आके मिले ....................
शुक्रवार, फ़रवरी 25, 2011
मलकानगिरी
हे ईश्वर तेरा बहुत बहुत धन्यवाद् की माओवादियों ने मलकानगिरी के कलेक्टर को बिना नुक्सान पहुंचाए छोड़ दिया वर्ना सरकारी तंत्र तो जागता ही देर में है.
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ढॅूढतेे हो छायीं पेड़ को उखाड़कर, बने हैं कई मकान रिश्ते बिगाड़कर, तालीम भी तुमसे बदनाम हो गयी, पायी है डिग्री जो तुमने जुगाड़कर, ...
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मरने के बाद भी हमको खूब सताया गया, मारा रिश्तों ने इल्जाम बीमारी पर लगाया गया। @Nadan 31 Aug 2022