यह ब्लॉग खोजें

मंगलवार, जून 22, 2010

तो कोई बात hai


रोते को हँसाओ तो कोई बात है
भेदभाव मिटाओ तो कोई बात है
अपनों को तो अपना बना लेते है सब
गैरों को अपना बनाओ तो कोई बात है


यह चश्मे वाले साहेब हैं जनाब मानस जी उनके ठीक बांये है शिखर मुकेश और उनके बांये है शालिनी मुकेश तीनो ही अपनी शरारतों के लिए घर को अखाडा बना सकने की ताक़त रखते है इसलिए मई इन्हें कहता हूँ ........न्यू थ्री इदिओत्स.............कहो कैसी रही

बेवजह

मोदी बनाम नितीश

जनता के पांच करोड़ की रकम पर दोनों ही ताल ठोक रहे है जो की लोकतंत्र के लिए नुक्सान दायक है और किसी भी तरह से गरीब जनता के हित में नहीं है सभ्य नेताओ से अनुरोध है की जनता की टैक्स की कमी को अपनी समझे और आप खुद भी जनता के सेवक है की मालिक इस लिए इस मुद्दे को ख़त्म कर दे बेहतर होगा.