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शनिवार, दिसंबर 09, 2017

beti ka baap

दाने  दाने को मोहताज़ है 
इमानदार बनकर 
बेईमान जी रहा है दुनिया में 
शानदार बनकर 
अंदर से मर चुका है बाप बेटी का 
स्वागत कर रहा है बरात का 
जानदार बनकर 
इस कविता के लिए मिला सम्मान दिनांक ०९ दिसम्बर २०१७ 

रविवार, नवंबर 19, 2017

शुक्रवार, नवंबर 17, 2017

Sone nahi diya

तुम कौन हो मेरे  इस सवाल ने सोने नहीं दिया 
कल रात तेरे ख्याल ने हमें  सोने नहीं दिया 

दिमाग बोला क्या जरुरत है उसे याद करने की 
दिल बोला मेरी चाहत है उसी पर मरने की 
दोनों के इस बवाल ने सोने नहीं दिया------------

हम सब छोड़ आये सिर्फ तुम्हारे लिए 
तुमसे कुछ भी नहीं छोड़ा गया हमारे लिए 
कमी क्या थी हममे इस मलाल ने सोने नहीं दिया -------

pata to hai


vasiyat


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