मौका है संजय हिरवानी जी के वैवाहिक कार्यक्रम का दिनाक २० मई २०११ जिसमे शामिल होने का शौभाग्य हमें भी मिला..यह कार्यक्रम विन्द्यावासिनी स्कूल लखनऊ में संपन्न हुआ था ...........बधाइयाँ
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
-
मरने के बाद भी हमको खूब सताया गया, मारा रिश्तों ने इल्जाम बीमारी पर लगाया गया। @Nadan 31 Aug 2022
-
बजुर्गों की सेहत को सुधार की जरूरत है, इनको दवा से ज्यादा प्यार की जरूरत है, हड़बड़ी न करो मियॉ नाकाम हो जाओगे, कामयाबी के लिए इन्तजार की जरूर...
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें