शुक्रवार, मार्च 05, 2010
पुलिस गाथा
पुलिस वालों तुम महान हो
कितने कष्ट उठाते हो
जादूगर भी हो तुम
रस्सी को सांप बनाते हो
चोर लुटेरे और हत्यारे
आ जाए गर शरण तुम्हारे
बाल न बांका होता उनका
इंटरपोल भी छाप मारे
उसके बदले किसी और को
उम्र क़ैद कटवाते हो ............जादूगर भी हो तुम
महिमा आपकी बड़ी निराली
हाथ में डंडा मुह में गाली
ले दे मामला शांत करते
वर्ना ले जाते कोतवाली
निर्दोषों पर भी तुम
थर्ड डिग्री अपनाते हो ...........जादूगर भी हो तुम ...........
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
-
मरने के बाद भी हमको खूब सताया गया, मारा रिश्तों ने इल्जाम बीमारी पर लगाया गया। @Nadan 31 Aug 2022
-
बजुर्गों की सेहत को सुधार की जरूरत है, इनको दवा से ज्यादा प्यार की जरूरत है, हड़बड़ी न करो मियॉ नाकाम हो जाओगे, कामयाबी के लिए इन्तजार की जरूर...
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें