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शुक्रवार, अगस्त 27, 2010

सौभाग्य मेरा


चौंदहवी का चाँद हो, छू लेने दो नाजुक होंठो को, बीते हुए लम्हों को कसक साथ तो होगी आदि लाजवाब गीतों के संगीतकार मैरून कमीज में रवि साहेब के साथ नवम्बर २००९ में गोवा अंतर्राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में सफ़ेद कमीज में मुकेश नादान

1 टिप्पणी:

  1. 7 march 2012 ko Ravi saheb iss duniya ko alvida keh gaye aur peechhhe chhod gaye woh khazana jo unko kabhi bhi bhoolne na dega unki yaado ko sajo kar rakhna hi hum sab ka dharam hai, ishwar unki aatma ko shanti de..................

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