चंद रूपये जब से कमाने लगे है
बेअदबी से पेश आने लगे है
सीखा है जिससे उंगुली पकड़ के चलना
उनको ही रास्ता दिखाने लगे है
घरवाले पाते है मुश्किल से दाल रोटी
वो होटल में बिरयानी खाने लगे है
हाई स्कूल मुश्किल से पास करके
जनाब डिग्री कॉलेज चलाने लगे है
लगता है फिर चुनाव आने वाले है
तभी नेताजी नज़र आने लगे है
सीने से लगा रखा है लैपटॉप उसने
माँ बाप उसको पुराने लगे है
उम्र जिसकी गुजरी है जेल में
अब वोह जेल मंत्री कहलाने लगे है
बेकार आदमी कार पर चलता है
बैंक वाले क्या गुल खिलने लगे है
दवा के दामो से कोई नहीं डरता
डाक्टर की फीस से घबराने लगे है
हमने बनाया काबिल जिन्हें अपने लहू से
नादान वोह हमको बताने लगे है

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