यह ब्लॉग खोजें

गुरुवार, मई 20, 2010


अपनों के अरमानो को
यूँ कुचल दिया
चुपचाप उसने मोबाइल
का नंबर बदल दिया


nadan

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें